वट सावित्री व्रत आस्था का प्रतीक सभी सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा निर्जला व्रत



 सच की आंखें आठनेर। नगर सहित पूरे क्षेत्र में आज सुबह से ही सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत बेहद खास और  आस्था से मनाया जिसको लेकर नगर की सभी सुहागिन माता बहिनों ने हनुमान मंदिर के पीछे वटवृक्ष के पास देवी मंदिर पुरानी जनपद प्रांगण आदि जहां भी वटवृक्ष थे उन जगहों पर माता बहनों ने पूजन किऔर उसे सुत कर अपने प्रति की लंबी उम्र की कामना की इस संबंध में श्रीमती सीमा सोनी ने बताया कि हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री पूर्णिमा बेहद खास और आस्था का प्रतीक माना जाता है सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती है श्रीमती सोनी ने बताया कि पूजा की थाली जिसमें रोली अक्षर चावल धूप भी भीगे हुए चने कच्चा सूत फल मिठाई जल का पात्र सती माता सावित्री और सत्यवान की मूर्तियां तस्वीर साथ  रखते हैं बट वृक्ष की पूजा बरगद के पेड़ के पास जाकर सबसे पहले जल अर्पित करें इसके बाद पेड़ को तिलक लगाया अक्षर फूल और भीगे हुए चने चढ़ाई सूत लपेटना और  हाथ में कलावा या कच्चा सूत लेकर बरगद के पेड़ को 7,11,21, 108 ,बार परिक्रमा करें परिक्रमा करते समय सूतको पेड़ के तने पर लपेटे और मन में पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें इस संबंध में उन्होंने बताया कि लगातार सभी माता बहने नगर के सबसे पुराने बरगद के पेड़ हनुमान मंदिर के पीछे है वहां पर ही वह पूजा अर्चना करते हैं सभी माता बहने अधिकतर वहीं पर ही आती है श्रीमती सोनी ने बताया कि आज उनके साथ श्रीमती सलोनी गडेकर, दिव्या आवठे, शोभा आवठे, ऩंदा मुलिक,संगिता मुलिक, किरन मुलिक,रिंकी मुलिक, मंजू दोडके

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