उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ.एच.जी.एस.पक्षवार ने कार्यक्रम में पशुओं में होने वाली बीमारियों और उसके आयुर्वेदिक व घरेलू उपचार के बारे में आवश्यक जानकारी दी । उन्होंने पशुओं में होने वाले अफारा रोग, थनैला रोग व अन्य संक्रामक रोगों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.छत्रपाल टाण्डेकर ने बकरी पालन, श्वान पालन व पेटशॉप की स्थापना के संबंध में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी । परासिया के पशु चिकित्सक डॉ.राजेश चेडगे ने कैरियर के रूप में पशुपालन की शिक्षा पर प्रकाश डाला और पशुपालन की शैक्षणिक गतिविधि की जानकारी विद्यार्थियों को दी । कार्यक्रम में शासकीय महाविद्यालय परासिया की प्राचार्या डॉ.त्रिवेदी और प्राध्यापक डॉ.अशोक बारसिया ने विद्यार्थियों को पशुपालन को रोजगार के रुप में अपनाने के लिये प्रेरित किया । इसी प्रकार शासकीय महाविद्यालय जुन्नारदेव के प्राचार्य डॉ.वाय.के.शर्मा ने आत्म निर्भर भारत के निर्माण में पशुपालन की महत्ता और युवा नीति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक डॉ.अशोक टाण्डेकर ने किया । कार्यक्रम में डॉ.चन्देलकर व स्टाफ और विद्यार्थीगण उपस्थित थे ।

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