मतदाता सूची में एक भी गलती लोकतंत्र पर भारी पड़ सकती है!”इसी गंभीर चेतावनी के साथ छिंदवाड़ा में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 (SIR) को लेकर प्रशासन और राजनीतिक दल आमने-सामने बैठे — सवालों के साथ, जवाबों के साथ और पारदर्शिता के दावे के साथ।

मतदाता सूची में एक भी गलती लोकतंत्र पर भारी पड़ सकती है!”
मतदाता सूची में एक भी गलती लोकतंत्र पर भारी पड़ सकती है!” इसी गंभीर चेतावनी के साथ छिंदवाड़ा में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 (SIR) को लेकर प्रशासन और राजनीतिक दल आमने-सामने बैठे — सवालों के साथ, जवाबों के साथ और पारदर्शिता के दावे के साथ।
इसी गंभीर चेतावनी के साथ छिंदवाड़ा में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 (SIR) को लेकर प्रशासन और राजनीतिक दल आमने-सामने बैठे — सवालों के साथ, जवाबों के साथ और पारदर्शिता के दावे के साथ।

छिंदवाड़ा | 03 फरवरी 2026
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR–2026) को लेकर आज कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रोल प्रेक्षक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष सिंह ने की। इस बैठक में जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे — ताकि मतदाता सूची से जुड़ी हर शंका, हर आपत्ति और हर सुझाव खुलकर सामने आ सके।
बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हरेंद्र नारायन, अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी अंकिता त्रिपाठी, सभी विधानसभा क्षेत्रों के एसडीएम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर डॉ. पी.एन. सनेसर और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
रोल प्रेक्षक मनीष सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि SIR का मकसद सिर्फ आंकड़े सुधारना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करना है। उन्होंने साफ कहा कि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम सूची में बना न रहे — यही इस प्रक्रिया की आत्मा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर तक अपने बीएलए को सक्रिय करें, समय-सीमा में आपत्तियां दें और बीएलओ के साथ समन्वय बनाएं।
उन्होंने जिले के ईआरओ और बीएलओ के कार्यों की सराहना करते हुए बेहतर जेंडर रेशो और ईपी रेशो को छिंदवाड़ा की बड़ी उपलब्धि बताया।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने स्पष्ट किया कि जिले में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से चल रही है। नियमित प्रशिक्षण, निगरानी और समीक्षा के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदाता सूची में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जमीनी समस्याएं, तकनीकी अड़चनें और सूची से जुड़े सवाल रखे। रोल प्रेक्षक मनीष सिंह ने सभी जिज्ञासाओं का मौके पर समाधान किया और भरोसा दिलाया कि हर वैध सुझाव पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर डॉ. पी.एन. सनेसर ने जिले की वस्तुस्थिति सामने रखते हुए बताया कि छिंदवाड़ा जिले की 5 विधानसभा क्षेत्रों में 1594 मतदान केंद्र और कुल 11,67,234 मतदाता हैं। जिले का जेंडर रेशो 985 और ईपी रेशो 66.94 है
वर्तमान में नोटिस हियरिंग पीरियड चल रहा है, जो 14 फरवरी 2026 तक रहेगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। अपील की व्यवस्था भी मौजूद है — पहली अपील जिला मजिस्ट्रेट और दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष होगी।
SIR के तहत 24 दिसंबर 2025 से 01 फरवरी 2026 तक नाम जोड़ने के 15,388, नाम हटाने के 2,872 और संशोधन के 11,181 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निराकरण संबंधित ईआरओ कर रहे हैं।
यह बैठक साफ संकेत देती है कि प्रशासन मतदाता सूची को लेकर गंभीर है — अब जिम्मेदारी नागरिकों और राजनीतिक दलों की भी है।
मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
👉 क्या आपको लगता है कि मतदाता सूची की शुद्धता पर आम नागरिकों की भागीदारी और बढ़नी चाहिए? कमेंट में अपनी राय ज़रूर 

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