पीएम राहत योजना: सड़क दुर्घटना में घायल को 1.5 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा सहायता

पीएम राहत योजना: सड़क दुर्घटना में घायल को 1.5 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा सहायता

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण आयोजित
*आमला/बैतूल* । पीएम राहत योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए निजि अस्पताल संचालकों एवं स्वास्थ्य विभाग के डाटा एन्ट्री  आपरेटरों का प्रशिक्षण एएनएमटीसी प्रशिक्षण केन्द्र बैतूल में शनिवार को आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पीएम राहत योजना का 13 फरवरी से शुभारंभ किया गया, जिसका उददेश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितो को गोल्डन ऑवर के दौरान दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों के भीतर रूपये 1.5 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। उन्होनें कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता दुर्घटना पीड़ित का इलाज करवाना है। हम सभी लोग इसमें मिलकर कार्य करें, हमारे तरफ से यह कोशिस हो कि कोई भी घायल व्यक्ति इलाज के अभाव में दम न तोड़े। योजना को आपातकालीन सहायता प्रणाली 112 से जोड़ा गया है, जिसमें दुर्घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित को निकटतम अस्पताल तक शीघ्र पहुंचाया जा सके। जिले में आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई के अंतर्गत समस्त अस्पतालों को पीएम राहत योजनांतर्गत शामिल किया जाएगा।
डीआईओ एनआईसी श्रीमती रचना श्रीवास्तव द्वारा पीएम राहत योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पीएम राहत योजना में किस प्रकार निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों में लाभ प्राप्त हो सकेगा। डीआरएम एनआईसी श्री अभिषेक वागद्रे ने बताया कि योजना का संचालन पूर्णतः डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राज्य मार्ग मंत्रालय की ई डिटेंल्स एक्सीडेंट रिपोर्ट प्रणाली को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ट्रांजेक्शन प्रबंधन सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे दुर्घटना की सूचना से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाईन होगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश परिहार ने बताया कि केन्द्र सरकार की राहवीर योजना मध्यप्रदेश राज्य में भी लागू कर दी गई है। जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने एवं जान बचाने पर 25 हजार रूपये का ईनाम एवं प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। इनाम की राशि परिवहन विभाग द्वारा दी जाएगी। प्रशिक्षण में निजी अस्पताल के संचालक एवं विकासखंड से डाटा एन्ट्री ऑपरेटर उपस्थित रहे।

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