दूध पानी की पहाड़ी पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, अवैध कोयला उत्खनन का भंडाफोड़‘सच की आंखें’ खबर का असर, राजस्व-पुलिस-वेकोलि टीम ने की बड़ी कार्रवाई

दूध पानी की पहाड़ी पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, अवैध कोयला उत्खनन का भंडाफोड़
दूध पानी की पहाड़ी पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, अवैध कोयला उत्खनन का भंडाफोड़  ‘सच की आंखें’ खबर का असर, राजस्व-पुलिस-वेकोलि टीम ने की बड़ी कार्रवाई

‘सच की आंखें’ खबर का असर, राजस्व-पुलिस-वेकोलि टीम ने की बड़ी कार्रवाई

छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव। जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रामपुर के दूध पानी की पहाड़ियों में चल रहे अवैध कोयला उत्खनन और भंडारण के मामले में प्रशासन ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कोयला एवं मशीनरी जब्त की है। स्थानीय समाचार पत्र सच की आंखें में प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार कोल माफियाओं द्वारा दूध पानी की पहाड़ियों पर अवैध रूप से कोयले का भंडारण कर परिवहन की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए बीते दिनों जेसीबी मशीन से रास्ता तैयार किया गया था तथा पोकलैंड मशीन की मदद से अवैध उत्खनन कार्य कराया जा रहा था।

28 फरवरी की शाम लगभग 4:30 बजे राजस्व विभाग, पुलिस एवं वेकोलि कन्हान क्षेत्र की संयुक्त टीम ने रामपुर तानसी के दूधपानी गांव स्थित जंगल क्षेत्र में, जो तानसी माइंस से लगभग 10 किलोमीटर दूर वन विभाग की भूमि पर स्थित है, दबिश दी। कार्रवाई में जुन्नारदेव तहसीलदार, नायब तहसीलदार (जुन्नारदेव/दमुआ), पटवारी, थाना दमुआ पुलिस, वेकोलि कन्हान क्षेत्र से वरिष्ठ प्रबंधक (खनन) प्रमोद मोहोड़, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक कलीराम कवरेती, इंद्रासन यादव, अजय तिवारी, पारसनाथ सहित वन एवं खनिज विभाग की टीम मौजूद रही।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान लगभग 8 से 10 ट्रॉली अवैध कोयला, एक पीसी मशीन, एक जनरेटर, तीन ड्रिल बिट मशीन, तीन हथौड़े, तीन सब्बल तथा वायर के बंडल जब्त किए गए। जब्त सामग्री तहसीलदार द्वारा वन विभाग को सुपुर्द कर दी गई है।

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय अन्य अवैध कोयला उत्खनन करने वाले माफियाओं में भय का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मीडिया में मामला उजागर होने के बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है, जिससे क्षेत्र में अवैध उत्खनन पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों को कोल माफियाओं की गतिविधियों से राहत मिलने की संभावना है और भविष्य में भी ऐसे अवैध कार्यों पर सख्ती जारी रहेगी।

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