एसडीएम के औचक निरीक्षण में खुली पोल, 15 दिन में मांगा जवाब

औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, 15 दिन में मांगा जवाब
आमला। प्रशासनिक सख्ती के बीच शुक्रवार को एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया ने महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय सहित आंगनवाड़ी केंद्रों और शासकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं, जिस पर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए सुधार के कड़े निर्देश दिए और 15 दिन में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए।

महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट और कर्मचारियों की मौजूदगी की जांच की गई। कुछ कर्मचारियों के अवकाश आवेदन दर्ज पाए गए, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति संतोषजनक नहीं मिली। कार्यालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था भी कमजोर पाई गई, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए लाड़ली लक्ष्मी योजना और मातृ वंदना योजना सहित लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए भी कहा गया।

निरीक्षण के दौरान कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। क्षेत्र में 179 कुपोषित बच्चों की पुष्टि की गई, जिनकी निगरानी जारी है। गंभीर श्रेणी के बच्चों को प्राथमिकता के साथ पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजने के निर्देश दिए गए। इसके बाद आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर बच्चों को दिए जा रहे भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता जांची गई। मेन्यू अनुसार भोजन वितरण, उपस्थिति और साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए। सहायिकाओं को बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और वजन मापन सुनिश्चित करने को कहा गया।

ग्राम हसलपुर की प्राथमिक शाला में निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन योजना और उपस्थिति रजिस्टर में गड़बड़ी सामने आई। 15 अप्रैल तक ही उपस्थिति दर्ज थी, जबकि 16 और 17 अप्रैल की प्रविष्टियां अनुपस्थित थीं। स्कूल में 17 में से केवल 4 छात्र ही उपस्थित मिले, जिस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और पालकों से संपर्क कर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। पाठ्यपुस्तक वितरण रजिस्टर में भी अनियमितता पाई गई, जहां कुछ विद्यार्थियों के हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। रसोईघर की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आगामी निरीक्षण में यदि सुधार नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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