सेवाएं ठप, महिला डॉक्टर से अभद्रता और अवैध वसूली के आरोप, प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव
सच की आंखें न्यूज़ सौसर (पांढुर्णा), 18 अप्रैल।
सिविल अस्पताल सौसर में बीएमओ को हटाने की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का आंदोलन अब उग्र हो गया है। लगातार दूसरे दिन जारी हड़ताल के चलते अस्पताल की ओपीडी और अन्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने “बीएमओ हटाओ, सिविल अस्पताल बचाओ” के नारे लगाते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 20 अप्रैल से जिला अध्यक्ष आमरण अनशन पर बैठेंगे।
आंदोलनरत कर्मचारियों ने बीएमओ डॉ. शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक महिला डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है। साथ ही डिलीवरी के नाम पर मरीजों से 10 से 11 हजार रुपये तक की अवैध वसूली किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बीएमओ के कार्यकाल में अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
मामले को और गंभीर बनाते हुए संबंधित महिला डॉक्टर ने भी अभद्रता के आरोपों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक शोक के दौरान भी उन्हें ड्यूटी पर आने के लिए दबाव बनाया गया और मना करने पर अपमानजनक भाषा का उपयोग किया गया।
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए छिंदवाड़ा के सीएमएचओ मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, बीएमओ डॉ. शुक्ला ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इमरजेंसी स्थिति के चलते डॉक्टर को ड्यूटी पर बुलाया गया था, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
फिलहाल अस्पताल में कामकाज प्रभावित है और पूरा मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिका हुआ है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो 20 अप्रैल से शुरू होने वाला आमरण अनशन स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
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