नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पूरी तरह झूठ बोल रही भाजपा की सरकार और भाजपा के नेता:- कांग्रेस-कांग्रेस ने हमेशा ही मातृशक्ति का मान बढ़ाया है, इस बात का इतिहास गवाह है-कांग्रेस ने सन 1992-1993 में ही आरक्षण देने की शुरुआत कर दी थी, तब भाजपा ना थी और ना उनकी यह सार्थक सोच थी-आरोप लगाने से पहले भाजपा यह बताएं कि वर्ष 2023 में लागू किए गए नारी शक्तिवंदन अधिनियम को अभी तक लागू क्यों नहीं किया


सच की आंखें

छिन्दवाड़ा:- केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार नारी शक्तिवंदन अधिनियम” पर कोरा झूठ बोलने वाली भाजपा सर्वप्रथम जनता को यह बताएं कि वर्ष 2023 में लागू किए गए इस अधिनियम को अभी तक लागू क्यों नहीं कियाभाजपा की प्रदेश प्रवक्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष से सीधा प्रश्न है कि नारी के सम्मान का झूठा ढिंढोरा पीटने वाले पहले एपस्टीन फाइल्स का सच जनता को बताएं कि उनकी पार्टी के केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी कौनसी नारी सम्मान की गाथा लिखने के लिए जघन्य अपराधी से भेंट करने जाते थेउक्त बयान राजीव भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए जिला महिला कांग्रेस की वक्ताओं ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश ही नहीं छिन्दवाड़ा में भी माननीय कमलनाथ जी एवं माननीय नकुलनाथ जी ने नारी शक्ति को जो मान और सम्मान दिया है वह भाजपा कभी नहीं दे सकती।  

सम्पूर्ण भाजपा पार्टीउनके नेता और महिला नेत्रियों को कांग्रेस पर झूठे और निराधार आरोप लगाने से पहले यह पढ़ लेना चाहिए था कि देश के इतिहास में आज तक एकमात्र कांग्रेस पार्टी ही ऐसी है जिसने प्रत्येक मार्चे पर नारी के मान और सम्मान को सर्वोच्च ऊंचाई पर पहुंचाया है। कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 1992-1993 में पंचायती राज संस्थाओं  नगरीय निकाय में मातृशक्ति को 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया है। यह पहल देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी ने की थी। यूपीए सरकार ने वर्ष 2010 के दौरान संसद में महिला आरक्षण बिल 33 प्रतिशत पास कराने का प्रयास कियाकिन्तु यह लोकसभा में अटका दिया गया। वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम भाजपा के द्वारा लगाया गया जिसका कांग्रेस ने संसद में समर्थन कियालेकिन वह आज तक लागू नहीं हुआ। भाजपा के सभी नेता यह बताएं कि इसे क्यों लागू नहीं कियाभाजपा महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है यह बात यहीं साबित हो जाती है। अगर नहीं होती तो वह अभी तक इस बिल को रोककर नहीं रखती। लेकिन दुभार्ग्य की बात देखिए कि पूरी भाजपा मिलकर कोरा झूठ परोस रही।

वर्ष 1992 (पंचायती राज): 73वें  74वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में कांग्रेस ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की। बाद में कई कांग्रेस शासित राज्यों ने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत भी किया।

वर्ष 2010 (संसद/विधानसभा): कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक (108वां संशोधन) राज्यसभा में पास करायाजो लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव करता थालेकिन भाजा और अन्य विरोधी दलों के विरोध के कारण कानून नहीं बन पाया इस विधेयक को सीधे तौर पर भाजपा के द्वारा रोका गया थालेकिन इस बात को वह स्वीकार नहीं करेगीक्योंकि उनका उद्देश्य सिर्फ राजनीति करना है।

कांग्रेस ने बिल का विरोध नहीं किया:-

कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं कियाकांग्रेस की मांग है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित होना चाहिए।




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