सच की आंखें न्यूज़ जिला छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में वर्ष 2011 में अपहृत हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने 15 वर्ष बाद दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया है। बालिका के मिलने से परिवार में खुशियों का माहौल है। मामले में पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानकादेही निवासी श्रीमती भुजलवती कवरेती ने 16 सितंबर 2011 को अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रारंभ में गुमशुदगी दर्ज की गई, जिसके बाद वर्ष 2013 में धारा 363, 366ए भादवि के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की गई। लंबे समय तक तलाश के बावजूद बालिका का पता नहीं चल सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए और मानव तस्करी की आशंका के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जुन्नारदेव के मार्गदर्शन में जांच तेज की गई। “मुस्कान अभियान” के तहत थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 30 अप्रैल 2026 को बालिका को जुन्नारदेव क्षेत्र में खोज निकाला।
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2011 में गांव की ही आशा कार्यकर्ता रेखा मरकाम उसे नौकरी का झांसा देकर भोपाल ले गई थी, जहां उसे दतिया जिले के बड़काछाई क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति को 2 लाख रुपये में बेच दिया गया। उक्त व्यक्ति द्वारा उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया, जिससे वह गर्भवती हुई और उसके दो बच्चे भी हुए। आरोपी की वर्ष 2018 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद पीड़िता गुजरात में रहकर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी और हाल ही में अपने गांव का पता लगाते हुए वापस जुन्नारदेव पहुंची।
प्रकरण में पुलिस ने मानव तस्करी और लैंगिक अपराध की पुष्टि होने पर धारा 370, 370(ए), 376(2)(n) आईपीसी तथा 5/6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई हैं। मुख्य आरोपी रेखा मरकाम (48 वर्ष) निवासी मानकादेही को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), थाना प्रभारी, उप निरीक्षक पूनम उइके, अंजना मरावी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
सक्रिय पुलिस – सहयोगी जनता – सुरक्षित समाज
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