स्कूली बच्चों के हक का अनाज बाजार में बेचा, एमडीएम योजना पर उठे सवाल
स्कूली बच्चों के हिस्से का अनाज बाजार में बेचने का आरोप, एमडीएम योजना पर गंभीर सवाल
जुन्नारदेव।
ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना में बड़ी लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा बच्चों के लिए उपलब्ध कराया जाने वाला खाद्यान्न स्वसहायता समूहों के जिम्मेदारों द्वारा बाजार में खपाए जाने का मामला उजागर हुआ है। इसके चलते स्कूलों में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिल पा रहा है।
मामला शासकीय एकीकृत विद्यालय तेलीबट का है, जहां एमडीएम योजना का संचालन कर रहे स्वसहायता समूह के मुखिया पर गंभीर आरोप लगे हैं। गुरुवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच ग्राम तेलीबट निवासी बलराम यदुवंशी पिता चरणलाल यदुवंशी को एमडीएम योजना के तहत प्राप्त एक बोरा गेहूं बाजार में बेचते हुए ग्रामीणों और पंचों ने पकड़ लिया।
ग्रामीणों और पंचगणों ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर मामले की तस्वीरें और जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। पंचनामे में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति पहले भी कई बार बच्चों के हिस्से का अनाज बेच चुका है, जिसके कारण स्कूल में बच्चों को निर्धारित मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत स्कूली शिक्षा विभाग के विकासखण्ड स्रोत समन्वयक कार्यालय में करते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों के अधिकारों का हनन रोका जा सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
इस संबंध में विकासखण्ड स्रोत समन्वयक अरविंद द्वहरिया ने बताया कि शिकायत की जांच कर ली गई है और जांच प्रतिवेदन जनपद सीईओ को सौंप दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई प्रशासन स्तर पर की जाएगी।
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