बाढ़ आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित


सच की आंखें

छिन्दवाड़ा/19 मई 2026/ कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक श्री अजय पांडेय की उपस्थिति में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में बाढ़ आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित की गई । बैठक में बाढ़ आपदा संवेदनशील क्षेत्रों का आंकलन करते हुए वर्षाकाल के दौरान बाढ़ आपदा के नियंत्रण के संबंध में चर्चा की गईपिछले वर्षों के अनुभव साझा हुए और प्रभावी नियंत्रण के संबंध में विभिन्न सुझाव लेते हुए आवश्यक दिशा - निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये ।

      बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमारअपर कलेक्टर श्री धीरेन्द्र सिंहअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरेएसडीएम छिंदवाड़ा श्री सुधीर जैनसंयुक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर व श्रीमती अंकिता त्रिपाठीजिला कमांडेंट होमगार्ड्स, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख श्री पुष्पेंद्र निगम सहित स्वास्थ्यनगरपालिक निगमविद्युत मंडललोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं सभी संबंधित विभागों के अधिकारीकर्मचारी सभाकक्ष में उपस्थित थेजबकि अन्य सभी एसडीएमतहसीलदारसीईओ जनपद पंचायतसीएमओबीएमओ वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल थे। बैठक में बताया गया कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 1056 मिमी है। गत वर्ष 1079.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई थीजो जिले के सामान्य औसत से 27 % अधिक थी।

 

नगरीय निकायों को मानसून पूर्व तैयारियों के निर्देश - सभी नगरीय निकायों को एक सप्ताह के अंदर शहर के सभी नालों को डीलिस्टिंग करनेजल निकासी की समुचित व्यवस्था करने और बाढ़ प्रभावित वार्डों की पूरी जानकारी कलेक्टर कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जर्जर भवनों का चिन्हांकन कर उन्हें ढहाने अथवा अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नोटिस जारी करने के लिए भी निर्देशित किया है।

 

आपदा संवेदनशील क्षेत्रों का आंकलन - बैठक में बताया गया कि जिले में 99 ग्राम व 04 शहरी क्षेत्रों को बाढ़ उन्मुख चिन्हित किया गया है। इन 99 ग्रामों में कुलबेहरा नदी के किनारे होने के कारण तहसील छिंदवाड़ा के 12 गांव व तहसील मोहखेड़ के 07 गांवपेंच नदी के किनारे होने के कारण तहसील छिंदवाड़ा के 02परासिया के 16अमरवाड़ा के 05 व जुन्नारदेव के 02 गांव,  कन्हान नदी के किनारे होने के कारण तहसील जुन्नारदेव के 08 गांव व तहसील मोहखेड़ का 01 गांवबेल नदी के किनारे होने के कारण तहसील जुन्नारदेव के 02 व तहसील मोहखेड़ का 01 गांवभैसदेही नदी से तहसील जुन्नारदेव के 06 गांवहर्द नदी के किनारे होने के कारण तहसील हर्रई के 02 गांव शामिल हैं। माचागोरा बांध के डाउन स्ट्रीम के किनारे होने के कारण तहसील चौरई व चांद के 35 ग्राम शामिल हैं ।

 

जिले के प्रमुख बांध - बैठक में बताया गया कि जिले में 03 बड़े बांध माचागोरा (चौरई)कन्हरगांव (बिछुआ) और तोतलाडोह (आंशिक भाग बिछुआ) हैं । माचागोरा बांध से 47 गांव और कन्हारगांव बांध से 08 गांव लगे हुए हैं।

 

        बाढ़ के इतिहास एवं वर्तमान स्थितियों के दृष्टिगत बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिये संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि इस दिशा में समय के पूर्व सक्रियता से कार्य करें ताकि किसी प्रकार की अवांछित परिस्थितियां उत्पन्न नहीं हो । अत्यधिक वर्षा और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना बाढ़ के प्रमुख कारणों में से है । इस संबंध में निर्देश दिये गये कि ऐसी नदियां जिनमें जल स्तर बढ़ने पर बाढ़ आती है या बाढ़ की संभावना रहती हैतो इसकी पूर्व से ही चेतावनी जारी करने के साथ ही खतरे के जल स्तर का चिन्हांकन कर बाढ़ आपदा नियंत्रण में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें। साथ ही बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष तैयार करनेप्राकृतिक जलाशय एवं जल निकास के लिये नालियों की बारिश पूर्व सफाईजलाशयों के किनारे अतिक्रमण हटानेतटबंधों का सुदृढ़ीकरण करनेबाढ़ की पूर्व सूचना की व्यवस्था करने और आपातकालीन कार्यवाही के लिये आवश्यक सेवाओं के रख-रखावसमन्वयआवश्यक वस्तुओं का भंडारणदवाई व चिकित्सक दलपशु चिकित्सा सेवायेंस्वास्थ्य व स्वच्छतापेयजलअस्थायी शिविरअतिरिक्त खाद्यान्न की व्यवस्था आदि पर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में कार्य करें।

       कलेक्टर श्री नारायन ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण संबंधी तैयारियों के साथ ही जनजागृति अभियान चलाकर लोगों को बाढ़ से बचने की जानकारी समय पर देना आवश्यक है । सभी महत्वपूर्ण दूरभाष नंबर व मोबाईल नंबर की जानकारी जिला आपदा नियंत्रण केन्द्र के साथ साझा करें । जिले में बाढ़ की पूर्व सूचना एवं प्रचार-प्रसार की सुव्यवस्थित प्रणाली बनाकर उसे सुदृढ़ कर लें। उन्होंने सभी एसडीएम को अनुभाग स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन की बैठक आयोजित करने,  वर्षा पूर्व बाढ़ प्रभावित स्थानों का सभी संबंधित विभागों के मैदानी अमले के साथ संयुक्त भ्रमण करने और हर एक प्रभावित गांव एवं शहरी क्षेत्र का बाढ़ आपदा प्रबंधन प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए ।

       उन्होंने निर्देश दिए कि बांध से पानी छोड़ने की सूचना त्वरित गति से साझा करने की समुचित व्यवस्था अभी से बना लें। बारिश के पूर्व सभी सड़कों की आवश्यक मरम्मतनिर्माणाधीन सड़कों का समुचित डायवर्सनसमुचित चेतावनी बोर्ड्सबाढ़ प्रभावित पुल-पुलिया पर बैरिकेडिंगबाढ़ संभावित ग्रामों और पहुंच विहीन ग्रामों में अग्रिम राशनजर्जर भवनों का चिन्हांकननाला-नालियों की सफाईजन एवं पशु दोनों के दृष्टिगत दवाइयों का भंडारण एवं उपलब्धताचिकित्सक दल का गठनपशुओं का टीकाकरणचारा-भूसे की पर्याप्त उपलब्धताक्लोरिनेशनरेस्क्यू स्थल मैपिंगबाढ़ बचाव सामग्री एवं आवश्यक उपकरणोंतैराकों की व्यवस्थाप्राइवेट रिसोर्स मैपिंग आदि सुनिश्चित कराएं।

       बैठक में कमाण्डेंट होमगार्ड को बाढ़ आपदा से बचाव के लिये मोटरबोटरस्सीटॉर्च आदि आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित कर होमगार्ड के जवानों और आपदा मित्र तैयार रखने के निर्देश दिये गये। साथ ही जलाशयों से जल छोड़ने के पूर्व इस आशय का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराने और बाढ़ आपदा के नियंत्रण के लिये जिलातहसील व ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को सक्रिय कर प्रभावित स्थलों पर साईनेज लगाने के निर्देश भी दिये गये।

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