सच की आंखें न्यूज़ छिंदवाड़ा बोरगांव, पांढुर्णा। ग्राम पंचायत बोरगांव ने औद्योगिक क्षेत्र से निकल रहे दूषित अपशिष्ट जल को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (AKVN) के कार्यपालन यंत्री/क्षेत्रीय प्रबंधक को लिखित ज्ञापन सौंपा है। पंचायत ने आरोप लगाया है कि रेमंड कंपनी के सामने एवं मुख्य मार्ग किनारे कई दिनों से दूषित पानी जमा होने से पर्यावरण प्रदूषण और जनस्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
पंचायत के अनुसार दूषित पानी के जलभराव से आसपास अस्वच्छ स्थिति बनी हुई है। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी क्षेत्र के समीप ग्राम पंचायत का पेयजल बोरवेल स्थित है, जिससे पूरे गांव को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। दूषित पानी के रिसाव से भूजल एवं पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
ज्ञापन में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम-1986, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम-1974 तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए अपशिष्ट जल की वैज्ञानिक निकासी, जल गुणवत्ता की जांच और स्थायी समाधान की मांग की गई है।
ग्राम पंचायत ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जनहित में मामले की शिकायत जिला प्रशासन, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल तथा आवश्यक होने पर National Green Tribunal (NGT) सहित अन्य सक्षम वैधानिक मंचों पर की जाएगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर पांढुर्णा एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सौसर को भी भेजी गई है। ग्रामवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर दूषित जल की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा।
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