सवालों पर चुप रहे जिम्मेदार अधिकारी, कैमरे पर जवाब देने से किया इनकार
पत्रकारों के सवालों से बचते दिखे अधिकारी, बिना प्रतिक्रिया दिए रवाना हुए
योग्य वरिष्ठ शिक्षक मौजूद, फिर भी एक ही माध्यमिक शिक्षक को लगातार अतिरिक्त प्रभार—उठे सवाल
मनेश साहु संपादक 9407073701
सच की आंखें न्यूज़ हर्रई, छिंदवाड़ा | जुलाई 2026।
अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हर्रई विकासखंड में आदिवासी कार्य विभाग की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला एकीकृत शाला बारगी से जुड़ा है, जहां पदस्थ माध्यमिक शिक्षक रवि विश्वकर्मा को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज है। आरोप है कि उन्हें एक साथ दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, जिससे विभागीय व्यवस्था और शिक्षण कार्य दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
मिली जानकारी और स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों के अनुसार, माध्यमिक शिक्षक रवि विश्वकर्मा को एकीकृत शाला बारगी में प्रधान पाठक का प्रभार दिया गया है। इसके अलावा उन्हें शासकीय विद्यालय रातामाटी के संकुल प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यही नहीं, इस व्यवस्था को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि जब विकासखंड में उच्च श्रेणी शिक्षक उपलब्ध हैं, तो फिर दो-दो प्रशासनिक प्रभार एक माध्यमिक शिक्षक को किस आधार पर दिए गए।
स्थानीय लोगों और कुछ शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से वरिष्ठ एवं पात्र शिक्षकों की अनदेखी हुई है। वहीं यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह पूरी व्यवस्था विकासखंड शिक्षा अधिकारी किशोर पांडे के संरक्षण में संचालित हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
इस मामले का एक दूसरा पक्ष भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि बारगी विद्यालय में गणित विषय के अध्यापन पर भी इसका असर पड़ सकता है। यदि कोई शिक्षक लगातार प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहेगा, तो विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका स्वाभाविक रूप से उठती है। हालांकि, इस संबंध में भी स्वतंत्र रूप से हो चुकी है।
फिलहाल यह मामला आरोपों और चर्चाओं के स्तर पर है। विभागीय रिकॉर्ड, प्रभार आदेश और सेवा नियमों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित नियुक्तियां नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो यह विभागीय कार्रवाई का विषय बन सकता है। वहीं यदि सभी प्रभार नियमानुसार दिए गए हैं, तो विभाग को भी स्थिति स्पष्ट कर भ्रम दूर करना चाहिए।
अब सबकी नजर आदिवासी कार्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों पर है। क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या विभाग आरोपों पर अपना पक्ष सार्वजनिक करेगा? और सबसे अहम—क्या विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुए बिना शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?
मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
यदि किसी विकासखंड में एक ही शिक्षक को दो-दो प्रशासनिक प्रभार दिए जाएं, तो क्या इससे शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है? अपनी राय हमें व्हाट्सएप नंबर 9407073701करके जरूर बताइए।
इनका कहनाहै...
जिला सहायक आयुक्त, आदिवासी कार्य विभाग ADEO लक्ष्मीकांत मिश्रा का बयान..
इस संबंध में जब जिला सहायक आयुक्त, आदिवासी कार्य विभाग, छिंदवाड़ा के लक्ष्मीकांत मिश्रा से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि "मामले की जांच-पड़ताल कराई जाएगी। यदि जांच में संबंधित शिक्षक या कोई अन्य जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अवश्य की जाएगी।"
माध्यमिक शिक्षक रवि विश्वकर्मा का पक्ष
इस संबंध में जब माध्यमिक शिक्षक रवि विश्वकर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा, "मुझे इस मामले में कोई जवाब नहीं देना है। मेरे उच्च अधिकारियों द्वारा मुझसे पूछताछ की जा चुकी है। मैं आपको इस संबंध में कुछ नहीं बताऊंगा।" इतना कहकर वे अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए।
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