Top News

15वें दिन भी जारी जल सत्याग्रह, विस्थापितों की मांगों पर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजारबारिश और प्रतिकूल मौसम के बीच आंदोलनकारियों का सत्याग्रह जारी, पूर्ण मुआवजा और उचित पुनर्वास की मांग

15वें दिन भी जारी जल सत्याग्रह, विस्थापितों की मांगों पर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार

बारिश और प्रतिकूल मौसम के बीच आंदोलनकारियों का सत्याग्रह जारी, पूर्ण मुआवजा और उचित पुनर्वास की मांग

पन्ना। मूसलाधार बारिश, कड़ाके की ठंड और प्रतिकूल मौसम के बावजूद चिता आंदोलन एवं जल सत्याग्रह कर रहे विस्थापित परिवारों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनके घर और जमीन जलमग्न होने की स्थिति में हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के निराकरण को लेकर प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास की मांग

आंदोलनकारियों का आरोप है कि जिन परिवारों के घर और जमीन प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें निर्धारित मुआवजे की पूरी राशि नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि जहां 12 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान बताया जा रहा है, वहीं कुछ प्रभावित परिवारों को करीब पांच लाख रुपये या उससे कम राशि दिए जाने की बात सामने आ रही है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि इतनी राशि में नए सिरे से घर बनाकर जीवन को व्यवस्थित करना कठिन है।

आंदोलनकारियों के अनुसार यह मामला केवल मुआवजे की राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि बिना पूर्ण मुआवजे और उचित पुनर्वास के गांवों के प्रभावित होने से परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

14 सितंबर से चल रहा आंदोलन

समाजसेवी अमित भटनागर के नेतृत्व में आदिवासी परिवारों द्वारा 14 सितंबर से चिता आंदोलन एवं जल सत्याग्रह किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं अहिंसक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और प्रशासन से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। उनका आरोप है कि अधिकारियों तथा मुआवजा राशि वितरण से जुड़ी कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रभावित परिवारों ने शासन-प्रशासन से मुआवजे की स्थिति स्पष्ट करने, लंबित राशि का भुगतान करने तथा उचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांगों के निराकरण तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।

Post a Comment

और नया पुराने