जुन्नारदेव से बड़ी खबर — लाड़ली बहना योजना को पंचायतो के जिम्मेदार लगा रहे पलीता!नियम-विपरीत लाभ लेने वाले सरपंच–सचिवों पर कार्रवाई की मांग तेजलाड़ली बहना योजना: नियमविपरीत लाभ लेने वालों की रिकवरी अटकी, असली हितग्राहियों के पैसे भी अब तक वापस नहींलाड़ली बहना योजना पर पंचायतों का पलीता: जुन्नारदेव में सरपंच–सचिवों द्वारा नियम-विपरीत लाभ का बड़ा खुलासा

जुन्नारदेव से बड़ी खबर — लाड़ली बहना योजना को पंचायतो के जिम्मेदार लगा रहे पलीता!

नियम-विपरीत लाभ लेने वाले सरपंच–सचिवों पर कार्रवाई की मांग तेज
लाड़ली बहना योजना: नियमविपरीत लाभ लेने वालों की रिकवरी अटकी, असली हितग्राहियों के पैसे भी अब तक वापस नहीं

लाड़ली बहना योजना पर पंचायतों का पलीता: जुन्नारदेव में सरपंच–सचिवों द्वारा नियम-विपरीत लाभ का बड़ा खुलासा

मनेश साहु एवं मीडिया संगठन जिला अध्यक्ष छिन्दवाड़ा
9131733420

जुन्नारदेव। मध्यप्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने पूरे प्रदेश की राजनीति और जनजीवन में बड़ा बदलाव किया। पिछली विधानसभा चुनाव में यह योजना निर्णायक साबित हुई और महिलाओं के भरोसे भाजपा सरकार बहुमत से बनी थी।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह ₹1,250 की आर्थिक सहायता दी जाती थी जिसे अब शासन ने बढ़ाकर 1500 रु कर दिया है व साथ ही भविष्य में आवास देने की भी योजना प्रक्रिया में है, ताकि वे स्वावलंबन, बेहतर स्वास्थ्य व पोषण की दिशा में मजबूत कदम उठा सकें। परंतु जिस योजना ने लाखों महिलाओं की जिंदगी बदली, उसी योजना पर पंचायतों में बैठे भ्रष्ट कर्मचारी और सरपंच अब खुलेआम पलीता लगाते नजर आ रहे हैं।

स्पष्ट नियम के बाद भी सरपंच–सचिव उठा रहे लाभ

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भोपाल द्वारा जारी आदेश क्रमांक 581/1134838/2023/50-2 दिनांक 01.03.2023 के अनुसार—

बिंदु 4.7 — जिन महिलाओं के परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि (पंच व उपसरपंच को छोड़कर) है, वह लाड़ली बहना योजना की पात्र नहीं होंगी।

इस नियम के बाद भी
✔ ग्राम पंचायतों के अनेक सरपंच,
✔ सचिव,
✔ रोजगार सहायक

ने नियम-विपरीत तरीके से योजना की किश्तें उठाई हैं। सरपंच निर्वाचित जनप्रतिनिधि की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उनके परिवार की महिलाएं भी इस योजना की लाभार्थी नहीं हो सकतीं, लेकिन जुन्नारदेव क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

जनसुनवाई में शिकायतें आईं, फिर भी कार्रवाई ठप

विगत वर्ष फरवरी माह में जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा को जनसुनवाई में कई शिकायतें मिलीं थी।

कलेक्टर कार्यालय ने महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल जांच करने का आदेश भी दिया था.ल

महिला बाल विकास विभाग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत जुन्नारदेव से एक दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी।
लेकिन—

❌ न जांच हुई
❌ न रिपोर्ट भेजी गई
❌ न वसूली शुरू हुई
❌ न दोषियों पर कोई कार्रवाई

इससे साफ है कि जनपद स्तर के अधिकारी आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे या फिर दोषियों को बचाने में लगे हैं।

जुन्नारदेव क्षेत्र में कई सरपंच नियम-विपरीत उठा रहे लाभ
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि जुन्नारदेव विकासखंड की कई पंचायतों में:

सरपंच

सचिव

रोजगार सहायक

ने अवैध रूप से सरकार की योजना का लाभ उठाया है।
यह सीधा-सीधा शासन आदेश का उल्लंघन है और पंचायत अधिनियम की धारा 40 और धारा 92 के तहत आपराधिक कार्रवाई योग्य अपराध है।

कुछ ने शिकायत पर लाभ छोड़ा, लेकिन जमा राशि वापस नहीं

जुन्नारदेव जनपद में कई लाभार्थियों ने शिकायतों के बाद स्वयं योजना छोड़ दी है,
लेकिन—

❗ उनकी प्राप्त की गई राशि शासन को वापस जमा नहीं की गई।
❗ प्रशासन ने अब तक न वसूली की और न ही जिम्मेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई।

यह स्थिति न सिर्फ नियम-विपरीत है बल्कि शासन के राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रही है।

प्रदेश की कई पंचायतों में हालात समान — जांच की मांग तेज

जुन्नारदेव से उठी यह शिकायत अकेली नहीं है।
प्रदेश की कई पंचायतों में—

सरपंच
पंचायत कर्मचारी(सचिव)
रोजगार सहायक
लाड़ली बहना योजना का लाभ उठाते पकड़े गए हैं।
लेकिन अधिकांश मामलों में कार्रवाई शून्य है।

मांग: दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, राशि की तत्काल वसूली

स्थानीय नागरिकों व सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—

1. जुन्नारदेव विधानसभा की सभी पंचायतों की वृहद जांच हो।

2. नियम-विपरीत लाभ लेने वाले सरपंच, सचिव व कर्मचारियों पर सभी नियमो की जानकारी के बावजूद भी नियमविरुद्ध लाभ लेने पर धारा 40 व 92 के तहत कार्रवाई हो।

3. योजना छोड़ चुके लोगों से भी लाभ के रूप में प्राप्त पूरी राशि की रिकवरी की जाए।

4. कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी जांच आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू कराया जाए।

यह मामला महिला कल्याण की सबसे बड़ी योजना पर सीधा प्रहार है।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इन अनियमितताओं पर कब तक कार्रवाई करती है और जुन्नारदेव के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को कब कठघरे में खड़ा किया जाता है।

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