जल संसाधन विभाग की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

जल संसाधन विभाग की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित
जल संसाधन विभाग की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित
परियोजनाओं को गति देकर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश, हजारों हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

छिंदवाड़ा, 27 फरवरी 2026। जिले में जल संसाधन विभाग अंतर्गत निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं एवं विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधि, उन्नतशील कृषक, सिंचाई, कृषि एवं विद्युत विभाग के अधिकारी तथा संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।

बैठक में अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने जिले में संचालित माइक्रो इरीगेशन परियोजनाओं और अन्य निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों में अपेक्षित गति लाकर अधिक से अधिक किसानों को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।

उन्होंने गाडरवाड़ा सिंचाई परियोजना को लेकर क्षेत्र में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को संबंधित ग्रामों में पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। बताया गया कि शक्कर-पेंच लिंक परियोजना में गाडरवाड़ा परियोजना क्षेत्र को शामिल करते हुए इसे विस्तारित स्वरूप में प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधिक ग्रामों को लाभ मिलेगा।

बैठक में जानकारी दी गई कि छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स अंतर्गत संगम-1 परियोजना से 8283 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा तथा जुन्नारदेव तहसील के 50 ग्राम लाभान्वित होंगे। वर्तमान में पाइप लाइन बिछाने का कार्य जारी है और डैम निर्माण कार्य आगामी ग्रीष्म ऋतु में प्रारंभ किया जाएगा। वहीं संगम-2 परियोजना से 95,638 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा और बिछुआ, छिंदवाड़ा, उमरेठ, मोहखेड़ एवं चांद तहसील के 374 ग्रामों को लाभ मिलेगा। परियोजना के चार पंप हाउसों में से दो का निर्माण आगामी चार माह में पूर्ण होने की संभावना है।

संगम-2 परियोजना के तहत किसानों के लिए विशेष पैकेज का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिस पर शीघ्र निर्णय अपेक्षित है। साथ ही फॉरेस्ट क्लियरेंस के लिए लगभग 2000 हेक्टेयर भूमि की स्वीकृति हेतु विभिन्न जिलों में आवेदन किए गए हैं।

पेंच व्यपवर्तन नहर संभाग चौरई अंतर्गत माइक्रो सिंचाई परियोजना-1 से 15,981 हेक्टेयर क्षेत्र और छिंदवाड़ा, अमरवाड़ा व चौरई तहसील के 52 ग्राम लाभान्वित होंगे। तीन पंप हाउसों में से पंप हाउस क्रमांक-3 का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा सितंबर 2026 से पानी की टेस्टिंग प्रस्तावित है।
माइक्रो सिंचाई परियोजना-2 से 19,600 हेक्टेयर क्षेत्र और छिंदवाड़ा व मोहखेड़ तहसील के 74 ग्राम लाभान्वित होंगे। पंप हाउस क्रमांक-1 अंतिम चरण में है तथा फॉरेस्ट क्लियरेंस के बाद ट्रांसमिशन लाइन का कार्य एक से डेढ़ माह में पूरा होने की संभावना है।

इसी प्रकार मांडवा होज सिंचाई परियोजना से चौरई तहसील के चार ग्रामों की 3303 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना की टेस्टिंग कर जल्द पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखें, ताकि जिले के किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके।

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