दमुआ/जुन्नारदेव। दमुआ थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। झिरी घाट स्थित हनुमान मंदिर के पास रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे चालक सहित तीन युवक रेत के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 16 मार्च 2026 की रात की है। ग्राम ब्रजपुरा निवासी रंजू उइके (23) बिना नंबर वाले ट्रैक्टर को तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। ट्रैक्टर में रेत भरी ट्रॉली लगी थी। मुरुम घाट हनुमान मंदिर के समीप चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई।
हादसा इतना भीषण था कि चालक रंजू उइके ट्रॉली में भरी रेत के नीचे दब गया। उसके साथ मौजूद उमेश धुर्वे (23), निवासी सेमरकुही और मोहन वट्टी (26), निवासी ब्रजपुरा भी ट्रॉली के नीचे दब गए, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को मिली। दमुआ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों शवों को बाहर निकाला। प्रार्थी अरविंद गरगाम, निवासी ग्राम मांडई की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक करन यादववंशी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125(ए) और 106(1) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
क्षेत्र में शोक, उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने अवैध रेत परिवहन और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अवैध रेत उत्खनन बना जानलेवा
जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन लगातार जारी है। कट्टा नदी और पेंच नदी क्षेत्र अवैध खनन के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं, जहां से दिन-रात रेत का परिवहन किया जा रहा है। प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर आखिर कब प्रभावी रोक लगेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।
0 टिप्पणियाँ