सड़क किनारे बेसुध मिली बुजुर्ग महिला के लिए देवदूत बनी सिंगोड़ी पुलिस

 
सड़क किनारे बेसुध मिली बुजुर्ग महिला के लिए देवदूत बनी सिंगोड़ी पुलिस
सड़क किनारे बेसुध मिली बुजुर्ग महिला के लिए देवदूत बनी सिंगोड़ी पुलिस

चौकी प्रभारी की सतर्कता से बची अतरो बाई की जान, इलाज के बाद परिजनों से मिलाया गया


छिंदवाड़ा। पुलिस का नाम आते ही आमतौर पर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की छवि सामने आती है, लेकिन सिंगोड़ी पुलिस ने अपने संवेदनशील और मानवीय व्यवहार से खाकी का एक अलग ही चेहरा सामने रखा है।

मामला राजाखोढाना क्षेत्र का है, जहां गश्त के दौरान सिंगोड़ी चौकी प्रभारी पंकज राय की नजर सड़क किनारे बेहद कमजोर, बीमार और असहाय अवस्था में बैठी एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी। महिला की हालत इतनी गंभीर थी कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। स्थिति को देखते हुए चौकी प्रभारी ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी और महिला को बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा इलाज और पुलिस की देखरेख के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ। बाद में उनकी पहचान राजाखोढाना निवासी अतरो बाई उइके के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनके परिजनों का पता लगाया और बुजुर्ग महिला को उनके नाती के सुपुर्द कर दिया।

इस दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों को बुजुर्गों की उचित देखभाल करने और उन्हें अकेला न छोड़ने की समझाइश भी दी। सिंगोड़ी पुलिस की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय रूप समाज में भरोसा और सम्मान दोनों बढ़ाता है।

यह घटना साबित करती है कि खाकी केवल कानून की सख्ती का प्रतीक नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए संवेदना, सुरक्षा और सहारे का भी दूसरा नाम है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ