सच की आंखें
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की शुरुआत के साथ ही तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में छिंदवाड़ा के शासकीय पीजी कॉलेज में प्रगणकों (Enumerators) एवं पर्यवेक्षकों (Supervisors) के तीसरे बैच के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ हुआ।
नागरिक 30 अप्रैल तक
se.census.gov.in वेबसाइट पर कुछ सरल प्रश्नों के उत्तर देकर आसानी से स्व-गणना में अपनी सहभागिता दर्ज कर सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम नगर जनगणना अधिकारी कमलेश निर्गुंडकर के मार्गदर्शन में, जिला जनगणना प्रभारी अनुज सोलंकी एवं फील्ड ट्रेनर्स द्वारा संचालित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर जाकर मकान सूचीकरण की प्रक्रिया, भवन, परिवार एवं जनगणना मकान की परिभाषाएं, साथ ही जनगणना अधिनियम एवं नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
फील्ड ट्रेनर्स क्रमशः श्री पुरुषोत्तम शेंडे, श्री पराग कटारे, श्री संजय कुमार ठाकुर, श्री अखलेश सूर्यवंशी, श्रीमती गीता बंदेवार, श्री विद्या भूषण, श्री गया प्रसाद बंजारा एवं श्री इम्तिया खान हैं।
प्रशिक्षण के दौरान नगर निगम उपायुक्त आर. एस. बाथम, सहायक आयुक्त मीना कोरी, सहायक यंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी ब्रजेश पांडेय, प्रीति दुबे, संतोष सोलंकी एवं राजेंद्र सोनी सहित नगर निगम के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
जनगणना 2027 के प्रथम चरण में स्व-गणना (Self Enumeration) 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक की जाएगी, जबकि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक संपन्न होगा।
इस बार जनगणना में डिजिटल-प्रथम दृष्टिकोण अपनाया गया है। इसके तहत भौतिक मकान सूचीकरण अभियान (एचएलओ) शुरू होने से पहले 15 दिनों की वैकल्पिक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नागरिक 30 अप्रैल तक आधिकारिक पोर्टल
se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सफल पंजीकरण के बाद उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या (SEID) प्राप्त होगी, जो आगे की प्रक्रिया में सहायक होगी।
अभियान का मुख्य संदेश— “चलो निभाएं अपनी जिम्मेदारी, करें जनगणना में भागीदारी”— नागरिकों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि सटीक और पूर्ण जानकारी से सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
नगर पालिक निगम द्वारा जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
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