अन्नदूत वाहन की आड़ में फर्जीवाड़ा, अधिकृत वाहन बंद – निजी वाहन कर रहे परिवहन
दो साल से मृत वाहन मालिक की पत्नी के नाम ट्रांसफर नहीं, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव। अन्नदूत योजना के तहत खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था एक बार फिर विवादों में घिर गई है। अधिकृत वाहन मालिक की मृत्यु के बाद करीब दो वर्षों से वाहन संचालन बंद पड़ा है, जबकि उसकी जगह निजी वाहन अन्नदूत वाहन बनकर धड़ल्ले से परिवहन कर रहे हैं। मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार सेक्टर क्रमांक 01 के अधिकृत अन्नदूत वाहन मालिक स्वर्गीय सुमित पाल की मृत्यु लगभग दो वर्ष पूर्व हो चुकी है। उनके परिजनों द्वारा कई बार संबंधित विभाग में आवेदन देकर वाहन को उनकी पत्नी के नाम से पुनः प्रारंभ करने की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे विभागीय लापरवाही और उदासीनता साफ दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि अधिकृत वाहन के बंद होने का फायदा उठाकर कुछ निजी वाहन संचालक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अवैध रूप से खाद्यान्न परिवहन कर रहे हैं। ये वाहन स्वयं को अधिकृत बताकर परिवहन कर रहे हैं, जबकि शासन द्वारा पूर्व में निर्धारित अधिकृत वाहनों को ही अनुमति दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार सेक्टर क्रमांक 01 आज भी खाली पड़ा है और अधिकृत वाहन क्रमांक एमपी 28 जेडडी 3169 लंबे समय से निष्क्रिय खड़ा हुआ है। इससे क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। मृत परिवहनकर्ता के बाद से इस सेक्टर की व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।
इस संबंध में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जुन्नारदेव सुमित चौधरी ने बताया कि मामला भोपाल कमिश्नर स्तर पर लंबित है, स्थानीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया नहीं होती है।
मामले में अब सवाल यह उठ रहा है कि जब अधिकृत वाहन उपलब्ध है और परिजन वाहन संचालन के लिए आवेदन दे चुके हैं, तो फिर निजी वाहनों से परिवहन क्यों कराया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग क्षेत्र में उठने लगी है।
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