सच की आंखें। परासिया गौरतलब है कि एचएमएस के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि पूर्व में श्री ताराचंद बावरिया से संगठन के पदाधिकारी मिले थे एवं उनके मोआरी खदान को स्वीकृति दिलाने के लिए आग्रह किया गया था इसके बाद उन्होंने लगातार पत्राचार व व्यक्तिगत संपर्क कर खदान खुलवाने के प्रयास किए थे एवं इसी प्रयासों से मोआरी खदान को स्वीकृति मिली है। पूर्व विधायक के निरंतर प्रयास, मार्गदर्शन और क्षेत्र के प्रति समर्पण के परिणाम स्वरूप यह संभव हो पाया। ज्ञात हो कि यह खदान पूर्व में भी एक बार बन्द हो चुकी थी जिसे श्री बाबरिया ने ही प्रयास करके प्रारंभ करवाया था आज पुनः श्री बाबरिया का प्रयास रंग लाया जिसे लेकर श्रमिक संगठन एचएमएस के सभी उपस्थित सदस्यों व नेताओ ने पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया एवं उनका आभार व्यक्त किया।
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