नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्ती, तीनों किसानों पर जुर्माना

नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्ती, तीनों किसानों पर जुर्माना
पर्यावरण सुरक्षा हेतु माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश क्रम में एयर (प्रीवेंशन एंड कंट्रोल आफ पॉल्यूशन) एक्ट 1981 की धारा 19(1) अंतर्गत फसल कटाई उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाए जाने को जिले में प्रतिबंधित किया गया है।
उक्त निर्देशों के परिपालन में विकासखंड आठनेर में नरवाई जलाने वाले तीन किसानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। प्रशासन द्वारा खेत में फसल जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तीन किसानों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया गया है। यह कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री अजीत मरावी के निर्देशन में की गई। कार्रवाई के तहत ग्राम देहगुड़ के सुभाष पिता बलदेव सिलधरे तथा ग्राम धनोरा के राहुल पिता मुन्ना अड़लक एवं ग्राम बोथि के पुष्पलता पति पवन सिंह को नरवाई जलाने का दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेतों में नरवाई जलाना केवल पर्यावरण के लिए ही हानिकारक नहीं है, बल्कि इससे वायु प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति में कमी, जीव जंतुओं को नुकसान और कई बार आगजनी की बड़ी घटनाएं भी हो सकती है। इसी कारण शासन द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है और उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
*किसानों से अपील*
क्षेत्र के किसानों से अपील की जा रही है कि, वह शासन एवं एनजीटी के निर्देशों का पालन करते हुए खेतों में नरवाई ना जलाएं। किसान पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और ऐसे विकल्प अपनाए, जिससे खेती की उर्वरता भी बनी रहे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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