एक जैसी दवा, हर मरीज को ग्लूकोज की बोतल, जिम्मेदार बेखबर
सच की आंखें न्यूज़ तामिया। तामिया विकासखंड में झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महज औपचारिकता निभाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक दिन कार्रवाई कर खानापूर्ति कर ली गई, लेकिन नगर क्षेत्र में खुलेआम संचालित हो रहे अवैध दवाखानों पर किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। बिना डिग्री के ही कई लोग इंजेक्शन लगाने से लेकर ग्लूकोज की बोतल चढ़ाकर मरीजों से मोटी फीस वसूल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष तत्कालीन बीएमओ द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापामार कार्रवाई करते हुए तामिया क्षेत्र में चार बंगाली डॉक्टरों की दुकानों को सील किया गया था, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। लेकिन नए बीएमओ के आने के बाद से शहरी क्षेत्र में अवैध तरीके से इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई का खौफ खत्म हो गया है। शुक्रवार को भी शहर में कई जगह अवैध दवाखाने संचालित होते देखे गए, जहां बिना डिग्री के मरीजों को इंजेक्शन और ग्लूकोज की बोतल लगाई जा रही थी।
मोटी फीस के लिए चढ़ा रहे ग्लूकोज, बढ़ रहा खतरा
जानकारों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टर ज्यादा फीस कमाने के लालच में बिना जांच के ही मरीजों को ग्लूकोज की बोतल चढ़ा देते हैं। इससे मरीज को कुछ समय के लिए राहत मिल जाती है, लेकिन सही इलाज नहीं मिलने से संक्रमण बढ़कर फेफड़ों तक पहुंच जाता है। अप्रैल माह में जिले में बढ़ती मौतों के पीछे भी गलत इलाज एक कारण माना जा रहा है।
गर्मी में बढ़ जाती है कमाई
गर्मी का मौसम आते ही ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की कमाई बढ़ जाती है। मरीज को कोई भी बीमारी हो, उसे चारपाई पर लिटाकर ड्रिप चढ़ा दी जाती है। कई जगह मरीजों को लाने के लिए दलालों तक की व्यवस्था की गई है। तामिया, देलाखारी, छिंदी, लौटीया, बम्हनी, चावलपानी, झिरपा और माहुलझिर सहित कई गांवों में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक संचालित हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बावजूद बंद नहीं हो सके हैं।
फोन नहीं उठा बीएमओ का
इस संबंध में तामिया बीएमओ डॉ. भुवनेश्वर कुमार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
0 टिप्पणियाँ