सच की आंखें छिन्दवाड़ा/ 23 अप्रैल 2026/ वन्यप्राणी बाहुल्य और टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष और वन्यप्राणियों के हमले से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में अंतर्विभागीय बैठक का आयोजन आज कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में उपसंचालक पेंच टाइगर रिजर्व श्री पुनीत गोयल, पूर्व वनमंडल अधिकारी छिंदवाड़ा श्री स्वरूप दीक्षित, सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, एडीएम श्री धीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी श्री आशीष खरे, एसडीएम चौरई श्री प्रभात मिश्रा, अधीक्षण यंत्री विद्युत मंडल, एसडीओ पेंच टाइगर रिजर्व श्री अतुल पारधी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में वन्यजीव बाहुल्य और टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान वन्य प्राणियों के हमले से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विचार - विमर्श किया गया और सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के दायित्व सौंपे गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि वन विभाग के अमले के साथ-साथ अन्य विभाग जैसे राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों से चर्चा कर वन्यप्राणी बाहुल्य क्षेत्र में सावधानियों के संबंध में जन-जागरूकता का कार्य करें।
समय - समय पर ग्रामचौपाल एवं बाघचौपाल आयोजित कर महुआ बिनने और तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा संबंधित जानकारियां स्पीकर्स के माध्यम से मुनादी कराई जाए। महुआ एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों को दिन में समूह में जाने की हिदायत दी जाये। तेंदूपत्ता समिति द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2-3 ग्रामीणों को प्रत्येक फड़ों में लगाया जाये। पेंच टाइगर रिजर्व से लगे हुए ग्रामों में सिंचाई के लिए बिजली का समय रात्रि के बजाय दिन में प्रदाय किया जाना सुनिश्चित करें। 15 फरवरी से 15 जून तक (ग्रीष्म ऋतु) को छोड़कर शेष 08 माह, सुबह 7 बजे से सायं 5 बजे तक (10 घंटे) बिजली सिंचाई निर्धारित करने हेतु अधीक्षण यंत्री बिजली विभाग को निर्देश दिये गये। पेंच टाइगर रिजर्व से लगे हुए ग्रामों की सूची एसडीएम चौरई द्वारा विद्युत विभाग को प्रदाय की जायेगी।
वनअमले द्वारा वन्यप्राणी विचरण क्षेत्रों में वाहनों से नियमित गश्ती की जाये एवं मानव वन्यप्राणी द्वंद्व की स्थिति में आवश्यकतानुसार हाथी से भी गश्ती के निर्देश दिए। एक कंट्रोल रूम बनाया जाये जिससे ग्रामीणों के द्वारा दी गई सूचना त्वरित रूप से वन अमले के साथ ही राजस्व और पुलिस के अधिकारियों को प्रदाय की जा सके। इसे 24 घंटे एक्टिव रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि वन्यप्राणी हमले से जनहानि होने पर तीन दिनों के अंदर एवं पशुहानि होने पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अनुसार त्वरित मुआवजा प्रदान किया जाए। सचिव, रोजगार सहायक एवं पटवारी, ग्रामीणों से निरंतर चर्चा करें एवं वन्यप्राणी मूवमेंट्स के संबंध में जानकारी को अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करते रहें।
अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि बाघ की बसाहट के समीप क्षेत्र में टाइगर एवं अन्य जीवों को देखने के लिए छिंदवाड़ा एवं अन्य ग्रामों से पेंच टाइगर रिजर्व के कुंभपानी बफर वन परिक्षेत्र में रात्रि में भीड़ इक्ट्ठी होती है, जिससे मानव एवं वन्यप्राणी दोनों को खतरा होता है। अतः ऐसी परिस्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को बैरिकेडिंग कर बाहरी व्यक्तियों के आने पर निगरानी करने और अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्व जिन्होंने जमतरा गेट में बीते दिनों उपद्रव और तोड़फोड़ की, उनके खिलाफ शीघ्र कार्यवाही के निर्देश पुलिस विभाग को दिए गए। वन्य प्राणियों के संबंध में अफवाह फैलाने वालों अथवा मिथ्या जानकारी देने वालों पर पुलिस द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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