खनिज विभाग की लापरवाही से दमुआ में फिर गरमाया कोयले का काला खेल!वाशरी क्षेत्र में रातोंरात कोयला परिवहन के आरोप, वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल

दमुआ की धरती के नीचे सिर्फ कोयला नहीं दबा… बल्कि सवाल भी दबे हैं। सवाल सिस्टम पर, निगरानी पर और उस खामोशी पर, जो रात के अंधेरे में दौड़ते ट्रकों के शोर से भी ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है।

खनिज विभाग की लापरवाही से दमुआ में फिर गरमाया कोयले का काला खेल!

वाशरी क्षेत्र में रातोंरात कोयला परिवहन के आरोप, वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल

सच की आँखें छिंदवाड़ा@
छिंदवाड़ा जिले के दमुआ क्षेत्र की कोल वाशरी एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला कथित अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन से जुड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रात के समय कोयले की आवाजाही लगातार जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात वाशरी क्षेत्र से कई ट्रकों के गुजरने की चर्चा रही। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि बंद खदानों और आसपास के हिस्सों से जेसीबी मशीनों की मदद से कोयला निकाला जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्षेत्र के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी है। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में लगातार कोयला परिवहन हो रहा है, तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से इस प्रकार की गतिविधियां चल रही हैं। कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित दिखाई दी। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो आने वाले समय में अवैध उत्खनन और बढ़ सकता है।

पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। क्योंकि जिस क्षेत्र में कोयले से जुड़े कार्य होते हैं, वहां निगरानी और निरीक्षण की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों की होती है। ऐसे में यदि रात के समय भारी वाहन और मशीनें सक्रिय हैं, तो आखिर यह सब नजरों से कैसे बच रहा है?

फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और स्थानीय शिकायतों के बाद जिम्मेदार विभाग जांच कर सख्त कदम उठाते हैं या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा।

मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
यदि किसी क्षेत्र में लगातार अवैध गतिविधियों की शिकायतें और वीडियो सामने आते रहें, तो क्या संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

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