सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण के लिए 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति
समग्र शिक्षा योजना की निरंतरता के लिए 36 हजार 6 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166 करोड़ रुपये की मंजूरी
सिंचाई, उद्यानिकी, शिक्षा, खनिज प्रशासन एवं लाड़ली बहना योजना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय
भोपाल/छिन्दवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण को गति देने के लिए 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
मंत्रि-परिषद ने गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के विस्तार के लिए केन्द्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालित करने के लिए 36 हजार 6 करोड़ 22 लाख रुपये की स्वीकृति दी। इसके साथ ही परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166 करोड़ 60 लाख रुपये तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
जल संसाधन के क्षेत्र में उज्जैन की चितावद, सिंगरौली की गौंड तथा अशोकनगर की चंदेरी सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता के लिए कुल 2,607 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। इन परियोजनाओं से बड़े क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी।
समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। योजना का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार, विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार, शाला शिक्षा में सामाजिक एवं लैंगिक भेद को कम करना तथा शिक्षा के सभी स्तरों पर समता एवं समावेशन सुनिश्चित करना है।
योजना के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक 4 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। साथ ही व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ एवं उन्नत करने पर भी जोर दिया गया है।
परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़ रुपये
परिवहन विभाग की 11 योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 1,166 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
इसमें उड़नदस्ता एवं चेक पॉइंट की स्थापना एवं संचालन के लिए 377 करोड़ 41 लाख रुपये, जिला स्थापना व्यय के लिए 361 करोड़ 89 लाख रुपये, मुख्यालय स्थापना के लिए 120 करोड़ 10 लाख रुपये तथा राज्य परिवहन अपीलीय अधिकरण के संचालन के लिए 10 करोड़ 39 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्मार्ट कार्ड योजना के निरंतर संचालन के लिए 245 करोड़ 55 लाख रुपये, विभागीय कार्यालय भवनों के नवीन निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये तथा परिसंपत्तियों के संधारण एवं रखरखाव के लिए लगभग 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सड़क सुरक्षा एवं जनहित से जुड़ी योजनाओं को भी निरंतरता दी गई है। ड्राइविंग प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना के लिए 12 करोड़ रुपये, ग्रामीण परिवहन नीति के क्रियान्वयन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये तथा सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों के लिए ‘नेक व्यक्ति पुरस्कार’ हेतु 1 करोड़ 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
उद्यानिकी की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ प्रमुख राज्य पोषित योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 491 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
फल पौध रोपण एवं मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 100-100 करोड़ रुपये, संरक्षित खेती प्रोत्साहन योजना के लिए 85 करोड़ रुपये, फसल बीमा एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास के लिए 53-53 करोड़ रुपये तथा एकीकृत शीत श्रृंखला अधोसंरचना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषक प्रशिक्षण एवं विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 25-25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
तीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,607 करोड़ रुपये से अधिक
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिले की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 1,846 करोड़ 5 लाख रुपये की स्वीकृति दी। परियोजना के माध्यम से 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
सिंगरौली जिले की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 749 करोड़ 62 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना से 34 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।
अशोकनगर जिले की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। परियोजना का उद्देश्य अशोकनगर जिले में 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
मैहर, मऊगंज एवं पांदुर्णा में खनिज शाखाओं के लिए 21 पद स्वीकृत
नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज एवं पांदुर्णा में जिला कार्यालय (खनिज शाखा) की स्थापना के लिए कुल 21 नवीन पदों की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक जिले में सात-सात पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खनिज अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, सहायक मानचित्रकार, सर्वेयर, सिपाही एवं भृत्य के एक-एक पद शामिल हैं।
अनूपपुर एवं शहडोल के चार हाई स्कूलों के लिए 36 पद
अनूपपुर एवं शहडोल जिलों में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयित चार विद्यालयों के लिए 36 नियमित पदों की स्वीकृति दी गई है। इनमें प्राचार्य हाई स्कूल के 4, माध्यमिक शिक्षक के 24, प्राथमिक शिक्षक के 4 तथा सहायक ग्रेड-3 के 4 पद शामिल हैं।
लाड़ली बहना को रक्षाबंधन पर 250 रुपये की अतिरिक्त सहायता का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के हितग्राहियों को अगस्त 2026 की आर्थिक सहायता राशि के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के मुख्यमंत्री के निर्णय का अनुसमर्थन किया।
मार्कफेड को 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण
मंत्रि-परिषद ने रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि के पुनर्भुगतान के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को 2,220 करोड़ 62 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी।
यह राशि 30 सितंबर 2026 तक शेष ऋण के पुनर्भुगतान के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। ऋण की अन्य शर्तें मार्कफेड की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग की सहमति से निर्धारित की जाएंगी।
अन्य निर्णय
मंत्रि-परिषद को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति की 26 मई 2026 को आयोजित 64वीं बैठक में लिए गए निर्णयों से भी अवगत कराया गया।

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