पन्ना में आदिवासी-किसानों के समर्थन में उतरे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, सरकार से हस्तक्षेप की मांग
बहनरीकला में ‘चिता आंदोलन’ का 36वां दिन, अमित भटनागर का आमरण अनशन 21वें दिन भी जारी
पन्ना। जिले के बहनरीकला की टपरियन में आदिवासी एवं किसान परिवारों की मांगों को लेकर चल रहा ‘चिता आंदोलन’ 36वें दिन भी जारी रहा। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का आमरण अनशन 21वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन स्थल पर पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने विस्थापित आदिवासी और किसान परिवारों की समस्याओं को लेकर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना सहित अन्य रेल परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी और किसान अपने अधिकारों, जमीन तथा उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठा रही है।
पूर्व मंत्री ने दिव्या अहिरवार की गिरफ्तारी और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इन कार्रवाइयों को अनुचित बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवारों के न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
अमित भटनागर के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के लगातार 21 दिनों से आमरण अनशन पर रहने के बीच सज्जन सिंह वर्मा ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान निकालने की अपील की।
वर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए विस्थापित परिवारों की पीड़ा को समझेंगे और उनकी न्यायोचित मांगों पर उचित निर्णय लेंगे।
आंदोलन स्थल पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अब प्रभावित परिवारों को अपनी मांगों पर शासन की ओर से ठोस पहल का इंतजार है।

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