सेवा, संवेदना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर “सेवा माह” का शुभारंभ
छिंदवाड़ा। भीषण गर्मी के बढ़ते प्रकोप और जनजीवन पर उसके असर को देखते हुए ने समाजहित में 1 मई से 31 मई 2026 तक “सेवा माह” मनाने की घोषणा की है। इस दौरान जनसेवा, जीवदया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव पंडित आयुष दीक्षित ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए. के. चौबे की सहमति से इस पहल की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य समाज में सेवा, संवेदना और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।
अभियान के तहत “एक घर–एक परिंडा” के माध्यम से प्रत्येक परिवार से घर या आसपास पक्षियों के लिए जलपात्र लगाने की अपील की गई है। वहीं “नो प्लास्टिक–मटका अभियान” के जरिए दुकानदारों और संस्थानों को प्लास्टिक के स्थान पर मटके रखकर राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके अलावा “पशु जल सेवा अभियान” के अंतर्गत लोगों से अपने घरों और मोहल्लों में गौवंश एवं अन्य मूक पशुओं के लिए प्रतिदिन पानी रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।
महासंघ ने इसे केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं को मजबूत करने और संस्कृति को पुनर्जीवित करने का प्रयास बताया है। संगठन ने सामाजिक, धार्मिक, युवा और व्यापारी वर्ग सहित आम नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय विप्र महासंघ एक पंजीकृत अराजनीतिक संगठन है, जिसकी सक्रियता देशभर के 897 जिलों तक फैली हुई है।
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