सच की आंखें परासिया. तहसील उमरेठ में पदस्थ नायब तहसीलदार के कथित अभद्र व्यवहार एवं मनमानी कार्यप्रणाली के विरोध में अधिवक्ता संघ परासिया ने न्यायालयीन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अधिवक्ता संघ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) परासिया को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में अधिवक्ता संघ ने आरोप लगाया कि उमरेठ तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार आशुतोष रामटेके एवं अन्य पीठासीन अधिकारियों
द्वारा अधिवक्ताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। साथ ही रुपए लेकर जमानत पर छोड़ने अथवा जेल भेजने जैसी शिकायतें भी लगातार प्राप्त हो रही हैं। संघ के अनुसार 8 मई 2026 को एक प्रकरण
में अधिवक्ताओं के प्रति पीठासीन अधिकारियों का रवैया अनुचित रहा। आरोप है कि संबंधित मामले में की जानबूझकर दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक इंतजार कराया गया तथा क जमानत आवेदन की सुनवाई देर शाम की गई। अधिवक्ता संघ ने इसे बै अधिकारियों की तानाशाहीपूर्ण क कार्यशैली बताया है। अधिवक्ता संघ व परासिया के अध्यक्ष श्याम कुमार साहू के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक संबंधित मामले में उचित वार्तालाप अथवा कार्रवाई नहीं होती, तब तक अधिवक्ता संघ उमरेठ तहसील न्यायालय के कार्य से 12 मई से अनिश्चितकालीन विरत रहेगा।
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