जुन्नारदेव स्ट्रीट लाइट घोटाला: जनसुनवाई के बाद भी कार्रवाई नहीं, लापरवाही या अधिकारियों की मिलीभगत?32 लाख की बिजली चोरी पर चुप्पी: शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, क्या जिम्मेदारों को बचाने की हो रही कोशिश?

जनसुनवाई में उजागर हुआ स्ट्रीट लाइट घोटाला, जुन्नारदेव की पंचायतों पर 32 लाख की बिजली चोरी का जुर्माना

जुन्नारदेव स्ट्रीट लाइट घोटाला: जनसुनवाई के बाद भी कार्रवाई नहीं, लापरवाही या अधिकारियों की मिलीभगत?

32 लाख की बिजली चोरी पर चुप्पी: शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, क्या जिम्मेदारों को बचाने की हो रही कोशिश?
मनेश साहु संपादक सच की आंखें न्यूज़ जुन्नारदेव (छिंदवाड़ा)। जनपद पंचायत जुन्नारदेव की ग्राम पंचायतों में 5वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए स्ट्रीट लाइट कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितता और बिजली चोरी का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष गोवर्धन यदुवंशी द्वारा कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान की गई शिकायत के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नियमों को दरकिनार कर बिना वर्क ऑर्डर, बिना तकनीकी अनुमति और मद परिवर्तन कर लाखों रुपये का भुगतान किया गया, जिसके चलते पंचायतों पर लगभग 32 लाख रुपये की शास्ति लगाई गई है।
कलेक्टर कार्यालय में दर्ज शिकायत के अनुसार जनपद क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट स्थापना कार्य 5वें वित्त आयोग मद से कराए गए। आरोप है कि कार्यों में विद्युत विभाग के नियमों का पालन नहीं किया गया और बिना सुपरविजन चार्ज जमा किए तथा बिना विधिवत स्वीकृति के कार्य प्रारंभ कर दिए गए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई पंचायतों में ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर जारी होने से पहले ही भुगतान कर दिया गया।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि कई पंचायतों में बिजली विभाग की अनुमति के बिना स्ट्रीट लाइटें चालू कर दी गईं, जिसके कारण बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज हुए। विद्युत विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में लगभग 43 मामले सामने आए हैं, जिनमें पंचायतों पर करीब 32 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। इसके चलते कई पंचायतों में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा छाया हुआ है।
मामले में जनपद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार बैठकों में मुद्दा उठाने और शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जनसुनवाई में शिकायत दर्ज होने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी, जिससे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ रही है।
जनपद पंचायत उपाध्यक्ष गोवर्धन यदुवंशी के लैटर पर जनपद अध्यक्ष के साथ जनपद के लगभग सभी जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर है ने आरोप लगाया कि स्ट्रीट लाइट कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा बिजली चोरी के कारण लगी शास्ति की राशि संबंधित दोषियों की निजी संपत्ति से वसूली जाए।

इस संबंध में सहायक यंत्री अमित दुबे ने कहा कि “मामला संज्ञान में आया है। मद परिवर्तन कर भुगतान नहीं किया जा सकता। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।”
अब देखना यह है कि जनपद के सभी प्रमुख जनप्रतिनिधियों द्वारा जिले के संवेदनशील कलेक्टर को जनसुनवाई में दर्ज गंभीर शिकायतों और दस्तावेजी प्रमाणों के बाद जिला प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करता है या मामला केवल आश्वासनों तक सीमित रह जाता है। वंही ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर से मांग की है उनके छिंदवाडा जिला सीईओ के कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा लिए गए कड़े फैसलों की तरह इस भर्ष्टाचार पर भी कड़ी कार्यवाही की जाए

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