फोटो में साफ दिख रही हकीकत… रात 12 बजे के बाद भी खुली शराब दुकान, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?
छिंदवाड़ा में आबकारी विभाग सवालों के घेरे में, रात 12 बजे बाद तक चलती रही शराब बिक्री
क्या आबकारी अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत? देर रात खुली शराब दुकानों पर उठे गंभीर सवाल
सच की आंखें न्यूज़ छिंदवाड़ा जिले में आबकारी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नरसिंहपुर रोड नाका क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने प्रशासनिक निगरानी की पोल खोल दी है। वायरल हो रही फोटो में देर रात तक देसी-विदेशी शराब दुकान खुली दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह तस्वीर रात करीब 12 बजे के बाद की है, जबकि शासन के नियमों के अनुसार शराब दुकानों के बंद होने का समय रात 11 से 11:30 बजे तक निर्धारित बताया जाता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नियम स्पष्ट हैं, तो फिर देर रात तक शराब बिक्री कैसे जारी रही? क्या जिम्मेदार विभागों की निगरानी पूरी तरह कमजोर पड़ चुकी है या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत का खेल चल रहा है? यही सवाल अब आम जनता भी पूछने लगी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। जिले के कई तहसील क्षेत्रों में देर रात तक शराब बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल तस्वीरों ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
फोटो में दुकान के बाहर हलचल और रोशनी साफ दिखाई देने की बात कही जा रही है, जिससे लोगों में यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर आबकारी विभाग और पुलिस की रात की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। यदि निर्धारित समय के बाद दुकान संचालित हो रही थी, तो क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी? या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी?
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि देर रात तक शराब बिक्री से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है। कई बार नशे में विवाद, सड़क हादसे और कानून व्यवस्था बिगड़ने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि इस पूरे मामले में संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन तस्वीरों के सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। अब जनता यह जानना चाहती है कि नियम तोड़ने वालों पर वास्तव में कार्रवाई होगी या फिर मामला कुछ दिनों की चर्चा बनकर ठंडा पड़ जाएगा।
मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
यदि शराब दुकानें तय समय के बाद भी खुली मिलती हैं, तो क्या केवल ठेकेदार जिम्मेदार हैं या संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
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